Economics

Mudra Sfiti Kya hai Ki Jankari Hindi me

Hello Railway Aspirants, आप सभी को पता होगा की रेलवे ग्रुप-डी और लोको पायलट परीक्षा में Economics से प्रश्न पूछे जायेंगे | अत: Economics को तैयार करना उतना ही आवश्यक है जितना की अन्य विषय को | इसी को ध्यान में रखते हुए, आज के इस लेख ” Mudra Sfiti Kya hai Ki Jankari Hindi me ” के माध्यम से मुद्रास्फीति क्या है?, What is inflation?, मुद्रास्फीति से होनेवाली हानि या लाभ क्या है?, मुद्रास्फीति का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव आदि टॉपिक को दर्शया गया है जिसे आप अवश्य पढ़े |



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Mudra Sfiti Kya hai

Mudra Sfiti

  • जब अर्थव्यवस्था  में वस्तुओं एवं सेवाओं के सापेक्ष मुद्रा की मात्रा अधिक हो जाए, जिसके कारण जो कीमत स्तर में वृद्धि होती है उसे मुद्रास्फीति(Inflation) कहते है |
  • मुद्रास्फीति या महंगाई दर का शाब्दिक अर्थ मुद्रा के मूल्य में कमी का आना होता है |
  • मुद्रास्फीति के दौरान वस्तुओं एवं सेवाओं के कीमत स्तर में वृद्धि होती है जबकि मुद्रा की कीमत में कमी आती
  • मुद्रास्फीति के दौरान नये रोजगार का सृजन होता है |
  • मुद्रास्फीति अर्थव्यवस्था को जड़ता से मुक्त करता है और गतिशील बनाता है |
  • देश के तीव्र विकास हेतु महंगाई दर का नियन्त्रित एवं स्थिर होना महत्वपूर्ण होता है|



Exam Points :

  1. ग्रेशम का नियम सम्बंधित है- मुद्रा के प्रचलन से
  2. ‘हवाला’ है- विदेशी मुद्रा विनिमय का अवैध कारोबार
  3. सरकार द्वारा पुरानी मुद्रा को समाप्त कर नई मुद्रा चलाना कहलाता है- विमुद्रीकरण
  4. हार्ड करेंसी से तात्पर्य है- वह मुद्रा जिसकी आपूर्ति मांग की अपेक्षा कम हो
  5. लगातार बढ़ती कीमतों की प्रक्रिया होती है- मुद्रा स्फीति
  6. वह अवस्था जिसमें मुद्रा का मूल्य गिर जाता है और कीमतें बढ़ जाती है कहलाती है- मुद्रा स्फीति
  7. मुद्रा स्फीति से बाज़ार की वस्तुएँ- महँगी हो जाती है |
  8. Soft Currency से तात्पर्य है- वह मुद्रा जिसकी आपूर्ति माँग की अपेक्षा अधिक हो |
  9. मुद्रा स्फीति से लाभान्वित होता है- ऋणी
  10. भारत में मुद्रा स्फीति मापी जाती है- थोक मूल्य सूचकांक द्वारा
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2017-18 के दौरान भारत में मुद्रास्फीति 

  • वर्ष 2017-18 की अवधि के दौरान देश में महंगाई की दर नरम रही |
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित महंगाई दर 3.3% रही, जो विगत छह वर्षों में सबसे कम रही |
  • आवास, ईंधन और विधुत को छोडकर सभी बड़ी वस्तुओं के क्षेत्रों में महंगाई की दर में कमी दर्ज की गई |
  • महंगाई दर में वृद्धि से वस्तुओं के मांग में कमी आ जाती है, जिससे बेरोजगारी जैसी सम्सयाएँ भी उत्पन्न हो जाती है |


मुद्रास्फीति के प्रभाव

लाभ प्राप्त कर्ता वर्ग :

  • उत्पादक वर्ग (कृषक, उधोगपति, व्यापारी) को लाभ होता है |
  • ऋणी (ऋण लेनेवाले) को लाभ |
  • विक्रेता वर्ग
  • किरायेदार वर्ग

हानि प्राप्त कर्ता वर्ग :

  • उपभोक्ता वर्ग
  • ऋणदाता वर्ग
  • क्रेता वर्ग

Mudra Sfiti उत्पन्न होने का स्वरूप 

मुद्रास्फीति के तीन स्वरुप होते है – 1. मांग जन्य मुद्रास्फीति 2. लागत जन्य मुद्रास्फीति 3. संरचनात्मक मुद्रास्फीति

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मुद्रास्फीति को नियन्त्रित करने के उपाय

राजकोषीय उपाय : 1. संतुलित बजट बनाना 2. सार्वजनिक व्यय विशेषकर अनुत्पादक व्यय पर नियंत्रण रखना 3. प्रगतिशील करारोपण 4. सार्वजनिक ऋण में वृद्धि करना 5. बचत में वृद्धि करना

मौद्रिक उपाय : 1. मुद्रा निर्गमन के नियमों को कठोर बनाना 2. मुद्रा की मात्रा को संकुचित करना

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